विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह छात्रों को निशाना बना रही है और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन में कथित त्रुटियों से संबंधित शिकायतों को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर पुस्तिका में सुधार करवाने के लिए आए एक छात्र को गाली-गलौज का सामना करना पड़ा और सोशल मीडिया पर उसे “राष्ट्र-विरोधी” करार दिया गया। राहुल गांधी ने आगे कहा कि लाखों छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में खामियों को लेकर चिंता जताई है, लेकिन अभी तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है।
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हुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया। दशकों में पहली बार सीबीएसई बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं। 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी और एक हफ़्ते से ओएसएम ग़लत मार्किंग और जांच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं। उन्होंने कहा कि 17 साल का एक बच्चा, जिसकी कॉपी ग़लत जांची गई, न्याय की उम्मीद में सोशल मीडिया पर आया। मगर, उसे मदद नहीं, गालियां मिलीं, भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ ने उसे ‘राष्ट्र विरोधी’ कहा, सोरोस का एजेंट कहा, ‘डीप स्टेट’ का हिस्सा कहा। जब 17 साल का बच्चा अपने भविष्य के लिए आवाज़ उठाता है, तो भाजपा उसे देशद्रोही बना देती है।
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राहुल गांधी ने दावा किया कि सच यह है कि मोदी सरकार युवाओं और ‘जेन जी’ से डरती है, क्योंकि वो अब सवाल पूछ रहे हैं और सवाल पूछने वाले को यह सरकार बदनाम करती है, डराती है, कुचलती है। उन्होंने कहा, ‘‘सुन लीजिए, मोदी जी, यही युवा, यही जेन जी आपका अहंकार तोड़ेगा।
मोदी-प्रधान की जोड़ी ने एक और संस्था को धांधली का प्रतीक बना दिया।
दशकों में पहली बार CBSE बोर्ड परीक्षा पर इतने गंभीर सवाल उठे हैं। 18.5 लाख बच्चों ने परीक्षा दी – और एक हफ़्ते से OSM, ग़लत मार्किंग और जाँच की गड़बड़ी की शिकायतें अनसुनी पड़ी हैं और शिक्षा मंत्री अपनी कुर्सी से…