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Himachal Pradesh Rains | हिमाचल प्रदेश में नहीं कम हुआ बारिश का प्रकोप, अलर्ट जारी, 328 सड़कें यातायात के लिए बंद

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के लिए एक बार फिर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले तीन दिनों, मंगलवार से गुरुवार देर रात तक, भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। IMD की नवीनतम जानकारी के अनुसार, मंगलवार को बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी ज़िलों में ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा, जबकि बुधवार को यह चेतावनी बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर ज़िलों पर लागू होगी। मंगलवार को शिमला और सोलन ज़िलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

हिमाचल प्रदेश में लगातार जारी बारिश के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 328 सड़कों को यातायात के लिए बंद करना पड़ा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक बुधवार सुबह वाहनों की आवाजाही के लिए बंद की गई सड़कों में औट-सैंज सड़क, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-305 का हिस्सा है, और खाब से ग्रामफू (राष्ट्रीय राजमार्ग-505) तक की सड़क भी शामिल है। उसने बताया किबंद की गई सड़कों में से 180 सड़कें मंडी जिले में और 74 निकटवर्ती कुल्लू जिले की हैं।

 

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार की सुबह टॉलैंड के निकट सर्कुलर (कार्ट रोड) पर एक पेड़ गिर जाने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और बस के जरिये कार्यालय जाने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा और उन्हें अपने गंतव्य तक पैदल ही जाना पड़ा।
स्थानीय मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को राज्य के तीन जिलों चंबा, कांगड़ा और मंडी में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के मद्देनजर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। विभाग ने शुक्रवार से रविवार तक के लिएचार से छह जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में मानसून की गतिविधि कमजोर हो रही है तथा मंगलवार शाम को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई।

 

एसईओसी ने बताया कि बारिश संबंधी कारणों से 37 ट्रांसफार्मर और 181 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
स्थानीय मौसम कार्यालय के मुताबिक एकजून से 10 अगस्त तक राज्य में सामान्य 486.2 मिमी से 13 प्रतिशत अधिक 536.7 मिमी बारिश हुई है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक राज्य को 2018 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और 125 लोगों की जान गई है जबकि 36 अब भी लापता हैं।

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