चीन के दक्षिणी हिस्से में नौल नामक शक्तिशाली तूफान को लेकर खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। तूफान के गुआंगडोंग प्रांत के तटीय इलाके से टकराने की आशंका को देखते हुए चीन के राष्ट्रीय मौसम केंद्र ने अपनी चार स्तरीय चेतावनी व्यवस्था के तहत सबसे उच्च स्तर की लाल चेतावनी जारी कर दी है। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात नौल तूफान गुआंगडोंग प्रांत के हुइझोउ शहर के हुइदोंग काउंटी से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक तूफान के केंद्र के आसपास हवाओं की रफ्तार बेहद तेज है और इसकी शक्ति लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि यह तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और गुआंगडोंग के तट से टकराने से पहले और अधिक ताकतवर हो सकता है।
बता दें कि चीन का राष्ट्रीय मौसम केंद्र देश में आने वाले बड़े तूफानों के दौरान चार स्तर की चेतावनी जारी करता है। इनमें लाल चेतावनी सबसे गंभीर मानी जाती है। ऐसी स्थिति में स्थानीय प्रशासन को तुरंत राहत और बचाव की तैयारियां तेज करने तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए जाते हैं।
तूफान के खतरे को देखते हुए शनिवार को 410 से अधिक हवाई उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा लगभग 150 तेज रफ्तार रेल सेवाओं का संचालन भी रोक दिया गया, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। परिवहन सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ा है और हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
गौरतलब है कि तूफान के तट से टकराने के बाद इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि इससे पहले भारी वर्षा, तेज हवाओं और समुद्री लहरों के ऊंचा उठने का खतरा बना हुआ है, जिसके कारण तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
उधर चीन के राष्ट्रीय बाढ़ नियंत्रण और सूखा राहत मुख्यालय ने गुआंगडोंग प्रांत में बाढ़ और तूफान से निपटने के लिए आपात प्रतिक्रिया स्तर को बढ़ाकर तीसरे स्तर पर कर दिया है। वहीं जियांगशी और हुनान प्रांतों में चौथे स्तर की बाढ़ आपात प्रतिक्रिया लागू की गई है। इसके अलावा फुजियान, जियांगशी, हेनान, हुबेई, हुनान, गुआंगडोंग और गुआंगशी सहित कई प्रांतों में भी चेतावनी जारी की गई है।
लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय गृह विभाग ने 28 अस्थायी आश्रय स्थल भी तैयार किए हैं, जहां जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठहराया जाएगा। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव दल पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
![]()

