🌟 बलिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आशा कार्यकर्ता यूनियन ने लंबित भुगतान, मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों के संबंध में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। यूनियन जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को स्टेट बजट से मिलने वाली राशि चार माह से लंबित है, जिसका भुगतान होली से पूर्व कराया जाए ताकि वे भी त्योहार को खुशी के साथ मना सकें।
📝 ज्ञापन में कहा गया है कि सीएचओ से संबंधित लंबित भुगतान भी शीघ्र जारी किया जाए। कुछ सीएचओसी और पीएचसी पर कुश्ठ रोग से संबंधित प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं हुआ है, जिसे अविलंब दिया जाना चाहिए। यूनियन ने सभी बकाया भुगतान होली त्योहार से पहले सुनिश्चित करने की मांग की है। आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि वे 24 घंटे स्वास्थ सेवाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाती हैं, लेकिन उन्हें मात्र 125 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान मिलता है, जबकि सामान्य मजदूर की दैनिक मजदूरी लगभग 600 रुपये है।
📢 यूनियन ने यह भी कहा कि वर्तमान में भुगतान विभिन्न मदों में अलग-अलग किस्तों में किया जाता है, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता प्रभावित होती है। मांग की गई है कि समस्त भुगतान बिना किसी कटौती के एकमुश्त मानदेय के रूप में दिया जाए।
🔍 इसके साथ ही आशा कार्यकर्ता यूनियन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित पत्र में बजट सत्र के दौरान मानदेय बढ़ाने की घोषणा के लिए आभार व्यक्त किया, लेकिन कहा कि बढ़ोतरी की राशि स्पष्ट नहीं की गई है। उन्होंने मांग की है कि संशोधित मानदेय की राशि स्पष्ठ रूप से घोषित की जाए।
🗣️ यूनियन ने राज्य सरकार से आग्रह करने के लिए सभी आशा व आशा संगिनी के परिवारों को आयुष्मान कार्ड से आच्छादित करने तथा जिला अस्पताल व सीएचसी/पीएचसी पर आशा रेस्ट रूम की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान समय पर नहीं किया गया तो वे आगे की रणनीति पर विचार करने को बाध्य होंगी।
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