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बलिया में भी ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026’ लागू, हर गांव तक मिलेगी यातायात सुविधा

🌍 बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 2026 को जनपद में लागू किया जा रहा है। इस संबंध में परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को सुदृढ़ परिवहन नेटवर्क से जोड़ना और गांवों के लोगों को ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय तक सुरक्षित एवं आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।

🚌 परिवहन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश के एसे दूरस्थ और असंबद्ध ग्राम पंचायतें, जहां परिवहन निगम की बस सेवाएं सीमित हैं, वहां इस योजना के माध्यम से निजी बस संचालकों की मदद से परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना का मुख्य लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक परिवहन सेवा पहुंचाना है।

📅 योजना के तहत 15 से 28 सीट क्षमता वाले डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन संचालित किए जाएंगे। इन वाहनों के संचालन की प्रारंभिक अवधि 10 वर्ष होगी, जिसे आगे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। खास बात यह है कि इन वाहनों को मोटरयान अधिनियम 1988 की संवंधित धारा के अंतर्गत परमिट की आवश्यकता से छूट दी गई है।

💰 आवेदक प्रक्रिया के तहत इच्छुक आवेदकों को 2000 रुपये आवेदन शुल्क जमा करना होगा, जबकि प्रति वाहन 5000 रुपये की प्रतिभूति राशि देनी होगी, जो संयोगजन अवधि समाप्त होने पर वापस कर दी जाएगी। इसके अलावा, वाहन स्वामी को प्रति माह 1500 रुपये का संरक्षक शुल्क परिवहन निगम को देना होगा।

🚍 योजना के अंतर्गत प्रत्येक वाहन को ग्राम पंचायत से ब्लॉक तक निर्धारित रूट पर चलाया जाएगा, जिससे रास्ते में पड़ने वाले सभी गांवों को लाभ मिलेगा। यह सेवा आगे तहसील और जिला मुख्यालय तक भी विस्तारित की जा सकती है। प्रत्येक ब्लॉक में कम से कम दो वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा और हर ग्राम पंचायत को प्रत्येक कम से कम दो बार सेवा मिलेगी।

🔍 इस योजना के लिए विज्ञापन भी किए जाएंगे, जिसमें आवेदन के लिए 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित होगी। आवेदन सहायक क्षेत्रीय प्रबंध कार्यालय में जमा किए जाएंगे। चयन प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा पूरी की जाएगी, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और सहायक क्षेत्रीय प्रबंध सदस्य शामिल होंगे। परिवहन विभाग के अनुसार, आवेदन से लेकर चयन और वाहन संचालन तक की पूरी प्रक्रिया लगभग 45 दिनों में पूर्ण कर ली जाएगी। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और स्थानीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

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