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कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 4 जून को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ की घटना की स्टेटस रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। बता दें कि, इस घटना में 11 लोगों की जान चली गई थी जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
वहीं ये भगदड़ आईपीएल में 18 साल बाद आरसीबी के जीतने के बाद जश्न समारोह के दौरान हुई थी। इससे पहले राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से रिपोर्ट गोपनीय रखने का अनुरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने सोमवार 14 जुलाई को स्पष्ट रूप से कहा कि इस गोपनीयता का कोई कानूनी आधार नहीं है और ये केवल सरकार का मानना है।
क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने सरकार को मामले में अन्य प्रतिवादियों आरसीबी, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और फ्रेंचाइजी की इवेंट पार्टनर डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स को भी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। फ्रेंचाइजी को एक विस्तृत सीआईडी जांच के विवरण के साथ-सात सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल की दो-सदस्यीय पीठ के फैसले का भी इंतजार है। आरसीबी के शीर्ष अधिकारियों और डीएनए के सदस्यों ने पिछले महीने अपनी गवाही दी है। फैसले की तारीख सभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
1 जुलाई को कैट की दो सदस्यीय पीठ ने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में भीड़ के संबंध में एक अहम टिप्पणी की। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि 3 जून को आरसीबी द्वारा अपना पहला आईपीएल खिताब जीतने के तुरंत बाद फ्रेंचाइजी द्वारा अपने सोशल मीडिया चैनलों पर घोषित विजय परेड में हिस्सा लेने के लिए स्टेडियम के बाहर लगभग तीन से पांच लाख लोगों की भीड़ जुटाने के लिए आरसीबी जिम्मेदार थी।
