मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री राकेश सिंह सड़कों पर गड्ढों को लेकर अपनी हालिया टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सड़कें रहेंगी, गड्ढे रहेंगे। मंत्री सिंह ने बुधवार शाम राजधानी भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए यह टिप्पणी की। मंत्री ने कहा कि जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गड्ढे होते रहेंगे। मेरे कहने का मतलब है कि अगर किसी सड़क को बने हुए चार साल हो गए हैं, और उसकी टिकाऊपन पाँच साल की है, तो हो सकता है कि चार साल बाद उसमें गड्ढे पड़ जाएँ। लेकिन अगर कोई सड़क चार साल तक खराब नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन छह महीने में ही उसमें गड्ढे पड़ गए हैं, तो यह गलत है। कार्रवाई तो होनी ही चाहिए।
राकेश सिंह ने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता कि दुनिया में कोई ऐसी सड़क होगी जिस पर गड्ढे न हों। लोक निर्माण विभाग के पास ऐसी कोई तकनीक अभी तक नहीं आई है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जो सड़कें अपनी टिकाऊपन अवधि से पहले ही खराब हो गई हैं, हम उनकी मरम्मत करवाएँगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। लेकिन कभी-कभी सड़कें तात्कालिक उपयोग के लिए बनाई जाती हैं, इसलिए वे ज़्यादा समय तक टिकाऊ नहीं रहतीं। इसलिए हमें यह देखना होगा कि सड़कें किस श्रेणी की हैं, हालाँकि हमारा प्रयास यही है कि सड़कें खराब न हों।
राकेश सिंह के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर लिखा कि “जब तक सड़कें रहेंगी, तब तक गड्ढे रहेंगे!” तो क्या आप, झांझ-मंजीरा बजाने के लिए मंत्रीजी बने हैं? कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जाट ने कहा कि मंत्री को गैरजिम्मेदाराना बयान देने से बचना चाहिए और सड़कों की मरम्मत पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वह ऐसा नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूरे मध्य प्रदेश में कमीशन राज है। जिस तरह से मंत्री जी सड़कों पर गड्ढे होने की बात कह रहे हैं, उससे पता चलता है कि उनके लोक निर्माण विभाग में कमीशनखोरी से भाजपा के कल्याण की परंपरा शुरू हो गई है। लगभग 90 डिग्री मोड़ वाला एक पुल बन रहा है और मंत्री जी का गड्ढों वाला बयान दर्शाता है कि भाजपा एक ऐसे मॉडल पर चल रही है जिसमें भाजपा नेता श्रेय लेने में माहिर हैं, जबकि उनकी जवाबदेही शून्य है। मुझे लगता है कि मंत्री जी को गैर-ज़िम्मेदाराना बयानों से बचना चाहिए और सड़कों की मरम्मत पर ध्यान देना चाहिए। अगर मंत्री जी ऐसा नहीं कर सकते, तो उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
#WATCH | Madhya Pradesh PWD Minister Rakesh Singh says, “…Jab tak sadkein rahengi, tab tak gaddhhe hote rahenge (as long as there will be roads, there will continue to be potholes). I mean to say that if a road has completed 4 years, with its durability being 5 years, maybe… pic.twitter.com/mFDDTx2yX0