🎭 बलिया: ऐतिहासिक रामलीला मैदान में सातवें दिन सीता हरण और जटायु मोक्ष का मंचन हुआ। देर शाम तक मैदान में दर्शकों की भीड़ रही। कलाकारों के अभिनय से माहौल भक्तिमय हो गया।
🌿 लीला की शुरुआत शूर्पणखा के पंचवटी पहुंचने से हुई। लक्ष्मण ने शूर्पणखा के नाक-कान काटे। इसके प्रतिशोध में आए खर और दूषण का भगवान श्री राम ने संहार किया। अपमानित शूर्पणखा ने रावण को अपनी व्यथा बताई।
🦌 रावण के कहने पर मारीच ने सोने के हिरण का रूप लिया। माता सीता की इच्छा पर श्री राम हिरण के पीछे वन में गए। मारीच की आवाज सुनकर लक्ष्मण भी राम की मदद के लिए निकल पड़े।
🕉️ सूने आश्रम में रावण साधु के वेश में पहुंचा और छल से माता सीता का हरण कर पुष्पक विमान से लंका ले जाने लगा। पक्षीराज जटायु ने रावण को रोकने का प्रयास किया।
🦅 जटायु ने रावण के रथ और धनुष को तोड़ दिया, पर रावण ने तलवार से उनके पंख काट दिए। घायल जटायु ने श्री राम को सीता हरण की बात बताई। भगवान श्री राम ने जटायु को गोद में लेकर उनका अंतिम संस्कार किया। दर्शकों ने ‘जय श्री राम’ के जयकारे लगाए।
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