बलिया में कोरोना की स्थिति
🦠 बलिया में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तावित महर्षि भृगु कॉरिडोर का प्रस्ताव धरातल पर उतारने के लिए शासनों को भेज दिया गया है, जिसकी प्रतिलिपि नगर विकास विभाग को भी प्रेषित की गई है।
📊 यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 10,520 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी। कॉरिडोर के निर्माण से पर्यटन गंगा नदी और एतिहासिक धरोहरों के बीच सीधा और सुगम संपर्क स्थापित होगा। भृगु मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, जबकि धरोहरों के दौरा 50 लाख से अधिक लोग भाग लेते हैं।
🏛️ इसके अलावा गुरु पूर्णिमा, दीपावली, होली जैसे पर्वों पर भी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। परियोजना को लेकर मुख्य राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने भृगु समिति, चित्रगुप्त समिति और मंदिर के पुजारियों के साथ समन्वय बैठकर महत्त्वपूर्ण सुझाव लिए। इस समिति में नगर मजिस्ट्रेट, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, उपजिलाधिकारी सदर तथा नगर पालिका परिषद बलिया के अधिशासी अधिकारी शामिल हैं।
🗺️ कॉरिडोर का विस्तृत आर्किटेक्ट प्लान तैयार किया जा चुका है। नगर पालिका की परिसंपत्तियों और विद्युत विभाग के शिफ्टिंग चार्ज का भी आकलन कर लिया गया है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 65.18 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें करीब 4.67 करोड़ रुपये परिसंपत्ति अधिग्रहण पर खर्च होंगे। प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भी भेजा गया है।
🔍 बताया जा रहा है कि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के विशेष प्रयासों से इस परियोजना के लिए बजट का प्रावधान भी शासन स्तर पर किया गया है। महर्षि भृगु कॉरिडोर के निर्माण से बलिया को आधुनिक स्वरूप मिलने के साथ ही यह परियोजना आध्यात्मिक, धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व को और अधिक सशक्त करेगी। यह कॉरिडोर आस्था और आधुनिकता का एक अनूठा संगम बनकर उभरेगा, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
🚧 पौराणिक, एतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी के के रूप में प्रसिद्ध जनपद बलिया को आधुनिक स्वरूप प्रदान होगा। आस्था और संस्कृति का एक अद्भुत आधुनिक संगम रूप लेगा-त्रिभुवन, मुख्य राजस्व अधिकारी, बलिया।
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