📰 बलिया: जिला सहकारी बैंक बलिया की 46वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि प्रदेश सरकार सहकारिता आंदोलन को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सहकारी समितियों और जिला सहकारी बैंकों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे किसानों को समय पर ऋण, खाद-बीज तथा अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
🌾 उन्होंने कहा कि सहकारिता केवला एक व्यवसाय नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। सरकार पारदर्शी और जवाबदेह सहकारिता व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सहकारी संस्थाओं को तकनीकी रूप से सुदृढ़ कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।
🏦 जिला भाजपा अध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण विकास की मजबूत आधारशिला है। केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। उन्होंने बैंक के बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए सभी सदस्यों से सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
💬 जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विनोद शंकर दूबे ने कहा कि बैंक ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी कार्यप्रणाली के बल पर इस वित्तीय वर्ष में लाभ का अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि किसानों और खाताधारकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बैंक निरंतर प्रयासरत है तथा आने वाले समय में सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा।
📈 बैठक में जिला सहकारी बैंक के सचिव महेंद्र प्रताप सिंह ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिसे प्रतिभागियों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। उन्होंने बैंक की आय-व्यय, ऋण वितरण, वसूली, जमा राशि तथा आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि बैंक वित्तीय अनुशासन के साथ किसानों एवं खाताधारकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
🔍 इस अवसर पर रविशंकर सिंह ‘पप्पू’, केतकी सिंह, उपेंद्र तिवारी, रविंद्र कुशवाहा, आनंद स्वरूप शुक्ला, विनोद शंकर दूबे, संजय यादव एवं धनंजय कन्नौजिया सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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