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Ballia News: कई दशक आकाशवाणी की आवाज रहे बलिया के लाल पंचदेव पांडेय का निधन

बलिया/गाजीपुर

🌟 आकस्मिक जानलेवा न्यूज़ रीडर पंछदेव पांडेय का गुरुवार सुबह निधन हो गया। बलिया के मूल निवासी पंछदेव पांडेय ने गाजीपुर के एक निजी अस्पताल में सुबह 8 बजे अंतिम सांस ली। पंछदेव पांडेय के निधन की खबर से आकस्मिक से जुड़े लोगों और उनके परिचितों के बीच शोक की लहर है। वह गाजीपुर के वसुंधरा में रहते थे।

📰 उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के दया छपरा निवासी पंछदेव पांडेय ने वर्ष 1963 में आकस्मिक के वाराणसी केंद्र से उद्घोषक के रूप में रेडियो करियर की शुरुआत की थी। शुरुआत दौर में उन्होंने उद्घोषक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाई और बाद में समाचार वाचन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।

📻 वर्ष 1983 में पंछदेव पांडेय दिल्ली आ गए। इसके बाद उन्होंने आकस्मिक के दिल्ली केंद्र से समाचार वाचन के रूप में लंबे समय तक सेवाएं दीं। उनकी आवाज आकस्मिक के श्रोताओं के लिए वर्षों तक परिचित रही। वे आकस्मिक के सुप्रसिद्ध समाचार वाचकों में गिने जाते थे।

📅 पंछदेव पांडेय ने वर्ष 1997 में आकस्मिक की सेवा से अवकाश ग्रहण किया था। रेडियो से उनका लंबा जुड़ाव उनके पेशेवर जीवन की खास पहचान रहा। उद्घोषक से समाचार वाचक तक का उनका सफर आकस्मिक की सेवा में कई दशकों तक चला।

🎙️ पंछदेव पांडेय के परिवार का आकस्मिक से जुड़ाव उनके अवकाश ग्रहण करने के बाद भी जारी रहा। उनके बड़े बेटे विमलेन्दु पांडेय ने समाचार वाचन के रूप में पिता की परंपरा को आगे बढ़ाया। विमलेन्दु पांडेय ने हाल ही में आकस्मिक के दिल्ली स्थित मुख्यालय से समाचार वाचन के तौर पर अवकाश ग्रहण किया है।

📻 पंछदेव पांडेय ने उद्घोषक के रूप में जिस सफर की शुरुआत वाराणसी से की थी, वह दिल्ली में समाचार वाचन की जिम्मेदारी निभाते हुए आगे बढ़ा और 1997 में उनकी सेवानिवृत्ति के साथ समाप्त हुआ। उनकी आवाज लंबे समय तक आकस्मिक के श्रोताओं तक समाचार पहुंचाने का माध्यम बनी और पहचान बनी रही।

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