बलिया
📰 जिला मुख्यालय स्थित चर्चित अपूर्वा नर्सिंग होम में इलाज के दौरान 24 वर्षीय महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया।
⚖️ परिजनों की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने पांच डॉक्टरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को सील कर दिया है, हालांकि अन्य मरीज भर्ती होने के कारण पूरे नर्सिंग होम को सील नहीं किया गया है।
🔍 जानकारी के अनुसार, सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली निवासी अनिशा पांडेय 22 मार्च को दोपहर करीब दो बजे पहली का लेजर ऑपरेशन कराने के लिए अपूर्वा नर्सिंग होम पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर 50 हजार रुपये जमा कराए गए और अतिरेक्ट राशी की मांग की गई। आरोप है कि लेजर की जगह ओपन सर्जरी कर दी गई। कुछ देर बाद डॉ. ज्योत्स्ना सिंह ने बाहर आकर हालत गंभीर बताते हुए मरीज को लखनऊ ले जाने की सलाह दी, लेकिन जब परिजन अंदर पहुंचे तो महिला की मौत हो चुकी थी।
🩺 मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉ. ज्योत्स्ना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. दीपक सिंह व डॉ. रोहन गुप्ता ने ऑपरेशन किया और सच्चाई छिपाने का प्रयास किया।
🚑 उनका कहना है कि लापरवाही और गलत ऑपरेशन के कारण ही अनिशा की मौत हुई। बताया गया कि अनिशा ने छह माह पूर्व ही सीजरियन से बच्चा को जन्म दिया था। घटना के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई की। हालांकि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे सवाल उठ रहे हैं।
⚖️ परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई में देरी हो रही है। हाल ही में एक अन्य निजी अस्पताल में भी जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया था, जिससे जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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