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Jammu-Kashmir में BJP ने कई बड़े नेताओं के टिकट काटने का साहस तो दिखा दिया मगर अब असंतोष को थामना मुश्किल हो रहा है

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद खासतौर पर जम्मू और उधमपुर में पार्टी में बगावत देखने को मिल रही है। जिन नेताओं को टिकट नहीं मिला वह पार्टी आलाकमान को चेतावनी देते हुए निर्दलीय मैदान में उतरने की धमकी दे रहे हैं। जम्मू में टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा में बढ़ते असंतोष को देखते हुए पार्टी को प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना के पर कतरने पड़े हैं। इसके साथ ही भाजपा उन नेताओं को मनाने में जुट गयी है जोकि असंतुष्ट बताये जा रहे हैं। इस क्रम में किसी को पार्टी संगठन में पद दिया गया है तो किसी को मनाने के लिए विभिन्न नेताओं को लगाया गया है।
हम आपको बता दें कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में टिकट से वंचित रहे नेताओं को साधने के प्रयास के तहत सोमवार को उन्हें संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया। पार्टी की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक पूर्व मंत्री सत शर्मा को कार्यकारी अध्यक्ष, पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सुख नंदन को उपाध्यक्ष जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हम आपको बता दें कि भाजपा ने इस बार के विधानसभा चुनाव में सत शर्मा को टिकट नहीं दिया है। वह 2014 में जम्मू पश्चिम विधानसभा सीट से जीते थे। पार्टी ने उनके स्थान पर अरविंद गुप्ता को जम्मू पश्चिम सीट से उम्मीदवार बनाया है।

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इसी तरह जम्मू जिले की बाहु सीट से कविंदर गुप्ता के स्थान पर पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) विक्रम रंधावा को उम्मीदवार बनाया गया है। कविंदर गुप्ता 2014 के चुनाव में गांधीनगर से निर्वाचित हुए थे। इस सीट का नाम बदलकर बाहु विधानसभा क्षेत्र कर दिया गया है। साथ ही जम्मू-कश्मीर में भाजपा-पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) सरकार में भाजपा के पहले उपमुख्यमंत्री रहे निर्मल सिंह को भी इस बार पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। वे 2014 के विधानसभा चुनाव में कठुआ जिले की बिलावर सीट से चुने गए थे। इस बार उनकी जगह पार्टी ने सतीश शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं अगर उधमपुर की बात करें तो आपको बता दें कि भाजपा की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष पवन खजूरिया ने पार्टी को उधमपुर ईस्ट क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बदलने को कहा है साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गयी तो वह पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार का विरोध करेंगे।
हम आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव तीन चरणों में होने हैं, जिसमें पहले चरण के लिए मतदान 18 सितंबर को, दूसरे चरण के लिए 25 सितंबर को और तीसरे चरण के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा। भाजपा ने तीसरे चरण के चुनाव के लिए छठी सूची जारी करने के साथ ही अब तक 62 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है, जिनमें कश्मीर घाटी के 20 उम्मीदवार शामिल हैं, जहां भाजपा विधानसभा चुनाव में अभी तक अपना खाता नहीं खोल पाई है।

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