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Ballia News: समाजसेवी संजीव गिरि का अनशन रंग लाया, रसड़ा तहसील के दो लेखपालों पर कार्रवाई

बलिया. सामाजिक कार्यकर्ता संजीव गिरि रसड़ा तहसील के लेखपालों द्वारा मारपीट किए जाने के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे थे, इस बीच एसडीएम रसड़ा ने तहसील के दो लेखपालों पर कार्रवाई की है। लालसाहब प्रजापति नाम के लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। बताते चलें कि 11 फरवरी मंगलवार को समाजसेवी संजीव गिरि ताड़ीबड़ा गांव निवासिनी विधवा सीमा सिंह के साथ किसान दुर्घटना बीमा से संबंधित एक फाइल को दुरूस्त कराने की पैरवी करने तहसील गए थे। आरोप था कि लेखपाल 10 हजार घूस मांग रहे थे। बहसबाजी के बाद हाथापाई हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस बीच समाजसेवी की तहरीर पर पांच नामजद लेखपालों के खिलाफ एवं लेखपाल की तहरीर पर एक नामजद एवं चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

उधर तहसील प्रांगण में संजीव गिरी द्वारा लेखपालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग लेकर अनिश्चित कालीन आमरण अनशन एवं अन्न जल त्याग कर धरना शुरू हो गया। रसड़ा तहसील परिसर में संजीव गिरि ने अपने दो साथियों संग लेखपालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया तो इसे भाजपा एवं सपा नेताओं का समर्थन भी मिल गया। गुरुवार देर शाम तक पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह एवं पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह धरना स्थल पर पहुंच कर डीएम से वार्ता कर समस्या का समाधान की बात करते रहे। उपजिलाधिकारी द्वारा आरोपी एक लेखपाल को कार्यालय से संबद्ध किए जाने के बाद भी अनशनकारी नहीं  माने।

उधर अनशनकारी की हालत गंभीर होने पर मेडिकल टीम ने जांच की और अनशन कारी युवक की हालत गंभीर बताई तथा रेफर करने की बात कही। दबाव बढ़ने पर प्रशासन ने कार्रवाई कर दी,कारर्वाई के बाद संजीव गिरि का धरना भी समाप्त हो गया है। हालांकि रसड़ा तहसील के अंतर्गत कार्यरत लेखपाल लाल साहब प्रजापति पर कार्रवाई की वजह उनके विरुद्ध एक ऑडियो को बताया जा रहा है जो वायरल हो रहा था। वायरल ऑडियो में आर. आर. सी. सेंटर निर्माण के सम्बन्ध में सीमांकन करने को लेकर रिश्वत देने तथा प्राप्त करने के सम्बन्ध में सहमति दी जा रही है। वायरल ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए रसड़ा उपजिलाधिकारी संजय कुमार कुशवाहा ने लेखपाल लाल साहब प्रजापति को निलंबित कर दिया है। एसडीएम रसड़ा के अनुसार वायरल ऑडियो को सुनने के बाद प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि ऑडियो में लेखपाल लाल साहब प्रजापति की आवाज है..वायरल ऑडियो को सुनने से स्पष्ट हो रहा है कि लेखपाल द्वारा अपने पदेन दायित्वों के निर्वहन के एवज़ में संबंधित व्यक्ति से घूस प्राप्त करने हेतु सहमति दी जा रही है।

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