📰 बलिया: पूर्वान्चलिक कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन।
📍 बलिया: कलेक्ट्रेट में गुरुवार को महिला आंदोलनकारी संघ के सदस्यों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने मुख्य मंत्री को संबोधित एक पत्रक सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा को सौंपा। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
✊ आंदोलनकारी संघ की जिलाध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने बताया कि आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं और सहायककायें दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आढ़ारशिला के रूप में कार्य कर रही हैं। वे पोषण, स्वास्थ, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती आ रही हैं।
📢 इसके बावजूद, आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं को न तो पूर्वान्चलिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
🗣️ श्वेता मिश्रा ने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं को पूर्वान्चलिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता और स्वास्थ्य मेडिक्ल अवकाश सहित सभी वैधानिक लाभ प्रदान किए जाएं।
🚫 उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो उसे कुरीसी से उतारना ही होगा। उन्होंने बताया कि उनकी नौ अन्य मांगें भी हैं।
🗨️ संयुक्त कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश पांडेय ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई बार आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं का वेतन बढ़ाने की बात कही है, लेकिन आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पांडेय ने जोर देकर कहा कि उनका संगठन आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
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